जिलाधिकारी कुमार हर्ष के निर्देश पर नगर पालिका परिषद और पुलिस प्रशासन द्वारा बुधवार 07 जनवरी 2026 को नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, लेकिन यह अभियान ज़मीनी हकीकत में केवल औपचारिकता बनकर रह गया। प्रशासनिक कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही अधिकांश स्थानों पर हालात पहले जैसे ही नज़र आए।
नगर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में चलाया गया अभियान।
जिला अस्पताल, केनरा बैंक, चौक घंटाघर, आगरा मिष्ठान भंडार, शाहगंज चौराहा, पंचरास्ता और गभड़िया पुल से कोतवाली नगर मार्ग—पर अभियान चलाकर ठेले, गुमटी और अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। अभियान का नेतृत्व अधिशासी अधिकारी लालचन्द्र सरोज एवं नायब तहसीलदार दुर्गेश कुमार ने किया।
कार्यवाही के नाम पर भी खानापूर्ती
कार्रवाई के दौरान मात्र 10 दुकानदारों व पथ विक्रेताओं पर जुर्माना लगाते हुए कुल ₹12,500 की वसूली की गई तथा कुछ सामान जब्त किया गया। जबकि अगर देखा जाये तो सड़क पर 500 से अधिक दुकानों का कब्ज़ा है। ऐसे में केवल 10 दुकानों पर जुर्माना दिखावा ही लग रहा है।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जुर्माना लगते ही कई दुकानदार कुछ दूरी पर फिर से ठेला लगाकर बैठ गए, जिससे यातायात और पैदल चलने वालों की समस्या जस की तस बनी रही।
स्थानीय नागरिकों का आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह अभियान हर बार की तरह कुछ समय के लिए दिखावे तक ही सीमित रहा। स्थायी समाधान या पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण अतिक्रमण हटते ही दोबारा लौट आता है। अस्पताल और बाजार क्षेत्रों में एंबुलेंस व आम लोगों को अब भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिशासी अधिकारी द्वारा नियमित निगरानी रखने की बात कही गयी।
अधिशासी अधिकारी द्वारा अभियान को लगातार जारी रखने की बात कही गई है, लेकिन शहरवासियों का सवाल है कि जब तक नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे अभियान केवल फोटो सेशन और कागजी कार्रवाई बनकर ही रहेंगे।
नगरवासियों ने मांग
नगरवासियों ने मांग की है कि प्रशासन केवल अभियान चलाने के बजाय स्थायी वेंडिंग ज़ोन, सख्त निगरानी और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि सुल्तानपुर वास्तव में अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित बन सके।
