NHAI का सख्त एक्शन, एजेंसी का अनुबंध रद्द, 5.3 करोड़ की गारंटी जब्त करने का प्रस्ताव
बाराबंकी।जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता के साथ हुई बेरहमी से मारपीट के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनएचएआई ने टोल संचालन करने वाली यूजर शुल्क संग्रहण एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई ने एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में एजेंसी को तलब करते हुए घटना के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही एजेंसी को आगामी एक वर्ष तक एनएचएआई की किसी भी निविदा अथवा अनुबंध में भाग लेने से वंचित (डिबार) करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
इतना ही नहीं, एनएचएआई ने मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी/परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को जब्त कर भुनाने (एन्कैशमेंट) का भी प्रस्ताव रखा है। यह कार्रवाई एजेंसी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 14 जनवरी को प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला किसी कार्य से हैदरगढ़ स्थित बारा टोल प्लाजा से गुजर रहे थे। इसी दौरान टोल पर तैनात कर्मचारियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों ने अधिवक्ता के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया। अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश फैल गया। बार एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन
एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि अनुबंध के अनुसार:
टोल प्लाजा पर तैनात कोई भी कर्मचारी आम जनता के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकता
किसी भी प्रकार का कदाचार पूरी तरह वर्जित है
कर्मचारियों को अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन और शालीनता बनाए रखना अनिवार्य है
इन शर्तों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए एजेंसी पर कठोर कार्रवाई की गई है।
अधिवक्ता समाज में रोष, कार्रवाई का स्वागत
घटना के बाद अधिवक्ता संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब एनएचएआई की इस सख्त कार्रवाई से अधिवक्ता समाज और आम जनता ने राहत की सांस ली है।
लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर आए दिन यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और टोल कर्मचारियों में अनुशासन आएगा।
आगे क्या?
अब एजेंसी को जारी नोटिस का जवाब देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो:
✔ एजेंसी को एक साल के लिए डिबार किया जाएगा
✔ 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जब्त की जाएगी
✔ भविष्य में किसी भी एनएचएआई प्रोजेक्ट में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी
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