जुड़वा बच्चों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की टीम ने चांदा स्थित अवैध सहारा बाल चिकित्सालय को सील कर दिया है।
जांच के दौरान अस्पताल के पास वैध पंजीकरण नहीं पाया गया, साथ ही वहां जरूरी मानक सुविधाओं का भी अभाव था। प्राथमिक जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल अस्पताल को बंद कराने का निर्णय लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही इलाज कराएं।